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शाला प्रवेश उत्सव, ( नवभारत एजुकेशन स्पेशल)

दिनांक :- 18.06.2015

नवभारत एजुकेशन स्पेशल, रायपुर

शाला प्रवेश उत्सव

शाला प्रवेश उत्सव शुरू हो चुका है। सैकड़ो बच्चे पुन: अपनी पढ़ने लिखने की दिनचर्या में लग गए है। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल जाना वाकई एक कठिन कार्य होता है। खास कर बच्चो को यह बहुत कष्टप्रद लगता है, क्योंकि छूट्टियों के दिनों में उनका दैनिक कार्यकलाप मौज मस्ती और खेल कूद से भरा होता है। ऐसे में अचानक से पढ़ाई और बस्ते का बोझ झेलना एक बड़ी पीड़ा महसूस होती है। 

मेरे प्यारे बच्चो, आपकी इस पीड़ा को हम सब महसूस करते है। मगर जीवन जीने का यही नियम होता है। हर काम अपने उचित समय पर करना होता है। पढ़ाई के वक्त पढ़ाई एवं खेल के वक्त खेल। आप सब ने अवकाश के दिनों को हँसते खेलते बिताया होगा। अपने सगे-सबंधियों के घर जाना-आना किया होगा। आम के विभिन्न व्यंजन खाये होगे और गन्ने का रस पिया होगा। आपने ग्रीष्म के मौसम को पूरी तरह एन्जॉय किया होगा। 

चलो अब मौसम बदल गया है- जिस तरह ग्रीष्म के बाद वर्षा रितु आयी है, उसी तरह छुट्टियों के बाद कक्षाए लगनी शुरू हुयी है। मेरा यह मशवरा है, कि अप ने  मन को समझा लो और स्कूल की पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करो नियम कहता है जो कार्य करो-अपना सर्वात्तम प्रयास करो। अब पढ़ने लिखने के दिन वापिस गए है- दिखा दो दुनिया को आप में है कितना दम

                                       अच्छी पढ़ाई और ज्ञानार्जुन के लिए अनेक शुभकामनाए

                                                     

Dr. Varsha Varwandkar

 Career Counsellor/Educational Psychologist

www.aglakadam.org

Raipur(C.G.)